नयी दिल्ली , अक्टूबर 27 -- सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और दूरसंचार क्षेत्र की निजी कंपनी वायासैट इंडिया ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की।
वायासैट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि दोनों कंपनियां कौशल विकास और उपग्रह संचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए उद्योग के क्षमता विकास के साथ ही ड्रोनों के वाणिज्यीकरण से जुड़े समाधान के लिए मिलकर काम करेंगी। इसकी शुरुआत इसी महीने की शुरुआत में नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस में हुई थी।
इस सहयोग के तहत मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बीएसएनएल के भारत रत्न भीम राव अंबेडकर दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान में कौशल विकास पर फोकस किया जायेगा। साथ ही ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और अन्य संबंधित आधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण किया जायेगा।
संस्थान प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, क्लासरूम और लॉजिस्टिक मदद मुहैया करायेगा। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार के अलावा कंप्यूटर विज्ञान के छात्र वायासैट के सत्रों तथा प्रदर्शनों में हिस्सा ले सकेंगे।
दोनों कंपनियां ड्रोन के लिए वायासैट के वेलैरिस समाधान के वाणिज्यीकरण पर मिलकर काम करेंगी। वेलैरिस एक उपग्रह संचार सेवा है जो ड्रोन के दृश्य सीमा से परे संचालन के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय कनेक्टिविटी प्रदान करती है। यह प्रौद्योगिकी ड्रोन के वाणिज्यीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। यह सेवा वायासैट के वैश्विक एल-बैंड उपग्रह नेटवर्क पर काम करती है।
प्रेस विज्ञप्ति में कंपनी ने कहा है कि भारत का ड्रोन बाजार तेजी से बढ़ रहा है। साल 2030 तक इसके बड़े पैमाने पर विस्तार की उम्मीद है। उसने कहा है कि इस दोनों प्रयासों में इंजीनियरिंग के छात्रों को उपग्रह प्रौद्योगिकी से रू-ब-रू होने का मौका मिलेगा जिससे सरकार के स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया मिशनों को बढ़ावा मिलेगा।
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