कोझिकोड , जुलाई 10 -- केरल में वायनाड के मेप्पाडी में कल्लाडी सुरंग निर्माण स्थल पर मलबे के नीचे दबने की घटना में मरने वालों की संख्या सात हो गई है।

बचाव दलों ने शुक्रवार को तलाश अभियान के दौरान मीनाक्षी नदी के निचले हिस्से से यह शव निकाला। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के सर्वेयर राजेश गुजे के तौर पर हुई है। बचाव दल अपने अभियान के आखिरी चरण में हैं और उनका कहना है कि अब सिर्फ़ परियोजना प्रबंधक विक्रम राणा ही लापता हैं।

इस बीच राज्य सरकार ने शुक्रवार को वायनाड में कल्लाडी भूस्खलन की घटना पर उच्च न्यायालय को एक रिपोर्ट सौंपी।

न्यायमूर्ति एके जयशंकरन नांबियार और न्यायमूर्ति प्रीता एके की पीठ ने रिपोर्ट देखने के बाद हताहतों की संख्या के बारे में पूछा और उन्हें बताया गया कि छह लोगों की मौत हुई है।

अदालत ने बरामद शवों की स्थिति के बारे में भी पूछा। अदालत ने मौखिक रूप से पूछा, "क्या आपने शव परिजनों को सौंप दिए हैं?"केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के वकील ने कहा, "हमने संबंधित एसडीएमए से संपर्क किया है... कुछ परिवार आ गये हैं... हर मामले में पोस्टमार्टम के बाद शव को सुरक्षित (एम्बामिंग) किया जा रहा है और उसे ले जाने की व्यवस्था की जा रही है।"इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वायनाड में हाल ही में हुए भूस्खलन के पीड़ितों को तुरंत मुआवज़ा (एक्स-ग्रेशिया) दिया जाये और अभी के लिए घायलों के अस्पताल में भर्ती होने और इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाये। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि मृतकों के शव बिना किसी देरी के तुरंत उनके परिवारों को सौंप दिये जायें।

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