चमोली , सितम्बर 17 -- हिमालय की अधिष्ठात्री मां नंदा की बड़ी जात गुरुवार को उत्तराखंड के चमोली जिला अन्तर्गत ग्राम वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी के लिए रवाना हुई। वाण में मां नंदा की डोली के प्रस्थान के समय माहौल भावुक हो गया।
स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी। इस दौरान पूरा वाण क्षेत्र मां नंदा के जयकारों, जागरों और पारंपरिक मांगल गीतों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया और यात्रा के सकुशल संपन्न होने की कामना की।
इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने डोली की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां नंदा का आशीर्वाद लेते हुए जिलावासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की तथा मां नंदा की बड़ी जात के सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की। पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों, जागरों और जयकारों के बीच मां नंदा की डोली को अगले पड़ाव के लिए विदाई दी गई। बड़ी जात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ सैकड़ों देव निशान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं।
वाण से प्रस्थान के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, जागरों और मांगल गीतों के बीच मां नंदा की डोली आगे बढ़ी। डोली के साथ चल रहे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला। ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और लोक संस्कृति के अनुरूप मां नंदा को भावभीनी विदाई दी।
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