पटना, जुलाई 20 -- बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोमवार को कहा की कि राज्य में जल क्रीड़ाओं (वाटर स्पोर्ट्स)की अपार संभावनाएं हैं और इन खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास आवश्यक है।खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में आज खेल विभाग में स्टेडियम के नक्शे के अनुमोदन एवं खेल अवसंरचना के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान प्रस्तावित स्टेडियम के नक्शे और उसमें किए गए विभिन्न संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की गई।
खेल मंत्री ने निर्देश दिये कि स्टेडियम में यूटिलिटी एरिया का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे इससे खेल परिसरों के बेहतर संचालन में सहायता मिले।
सुश्री श्रेयसी सिंह ने विशेष रूप से वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी एवं उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में जल क्रीड़ाओं की अपार संभावनाएं हैं और इन खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास आवश्यक है।
बैठक में स्पोर्ट्स थीम आधारित अधोसंरचना को और बेहतर बनाने तथा स्टेडियम परिसर में ऐसी खेल गतिविधियों के लिए स्थान विकसित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया, जो ओलंपिक स्तर पर खेली जाती हैं, लेकिन वर्तमान में बिहार में उपलब्ध नहीं हैं।
खेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्टेडियम की योजना तैयार करते समय खिलाड़ियों की आवश्यकताओं, आधुनिक खेल सुविधाओं तथा भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखा जाए, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि खेल परिसरों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखते हुए उन्हें प्रशिक्षण, खेल गतिविधियों और खेल संस्कृति के विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। विभाग इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है, जिससे बिहार के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
बैठक में सचिव, खेल विभाग दीपक आनंद, निदेशक, खेल विभाग आरिफ अहसन तथा विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित