झालवाड़ , फरवरी 21 -- राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी मां विजय राजे सिंधिया, पिता जीवाजी राव सिंधिया और भाई माधव राव सिंधिया पर लिखी कविता सुनकर शनिवार को मंच पर भावुक हो गई और कहा कि इन तीनों के बिना जीवन सूना है।
श्रीमती राजे झालावाड़ जिले में खानपुर क्षेत्र के खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर मंदिर से सांसद दुष्यंत सिंह की पद यात्रा के तीसरे चरण की शुरुआत के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भरे गले से कहा " मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती।आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है।"इस अवसर पर युवती अदिति शर्मा बकानी ने श्रीमती राजे पर एक कविता पढ़ी और इसे सुनकर पूर्व मुख्यमंत्री भावुक होकर रोने लगी। इस कविता में श्रीमती राजे के संपूर्ण परिवार,उनके शासन करने के तरीके और उनकी योजनाओं के बारे में उल्लेख था।
उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं है।जब भी उनकी याद आती हैं,तब वे लोगों से मिल रहे प्यार में उनको खोजने लगती है और अहसास करती है कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिवारजन है। उन्होंने कहा कि वह बहुत भावुक हैं जिन्हें धन-दौलत नहीं जनता रूपी परिवार के प्यार की जरूरत है जो उन्हें सर्वाधिक मिल रहा है। उनका लोगों से दल का नहीं दिल का रिश्ता है।
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