देहरादून , मई 02 -- उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल पूर्ण होने में लगभग एक वर्ष शेष है। इसके बावजूद विधानसभा सदस्यों अर्थात् विधायकों को क्षेत्रीय विकास के लिए मिलने वाली निधि से मात्र 69 प्रतिशत ही दिसंबर 2025 तक व्यय हो सकी हैं। इसमें भी चंपावत से विधायक और राज्य के मुुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रदेश के औसत से कम 47 प्रतिशत ही निधि खर्च हुई है।

उधमसिंह नगर जनपद के काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने राज्य के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से विधायक निधि व्यय सम्बन्धी विवरण की सूचना मांगी थी। इसके प्रति उत्तर में उपायुक्त (प्रशासन) हेमन्ती गुंजियाल ने अपने पत्रांक 24553 के साथ वर्तमान विधायक निधि विवरण की फोटो प्रति उपलब्ध करायी है।

श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार, वर्ष 2022-23 से 2025-26 में माह दिसम्बर 2025 तक 1,31,400 लाख की विधायक निधि उपलब्ध हुई लेकिन इसमें से केवल 69 प्रतिशत 91124.29 लाख की निधि ही खर्च हुई है। जबकि 31 प्रतिशत 40261.71 लाख की निधि खर्च होने को शेष हैं। मुख्यमंत्री के अलावा उनके मंत्रिमण्डल में शामिल मंत्री चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज की 63 प्रतिशत, मसूरी विधायक गणेश जोशी की 79 प्रतिशत, श्रीनगर विधायक धन सिंह रावत की 42 प्रतिशत, नरेन्द्र नगर विधायक सुबोध उनियाल की 54 प्रतिशत, सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य की 62 प्रतिशत तथा सितारगंज विधायक सौरभ बहुगणा की 89 प्रतिशत विधायक निधि खर्च हुई है।

मार्च 2026 में नये मंत्री बने विधायकों में राजपुर विधायक खजानदास की 82 प्रतिशत, रूद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी की 55 प्रतिशत, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक की 64 प्रतिशत, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा की 88 प्रतिशत तथा भीमताल विधायक रामसिंह कैडा की 69 प्रतिशत विधायक निधि दिसंबर 2025 तक खर्च हो सकी है।

उत्तराखंड में सर्वाधिक विधायक निधि खर्च करने वाले विधायकों में प्रथम स्थान पर 92 प्रतिशत खर्च करने वाले फुरकान अहमद व रवि बहादुर, दूसरे स्थान पर 89 प्रतिशत खर्च करने वाले सरवत करीम, सौरभ बहुगुणा तथा गोपाल सिंह, तीसरे स्थान पर 88 प्रतिशत खर्च वाले प्रदीप बत्रा, राजकुमार पौरी, चौथे स्थान पर 85 प्रतिशत खर्च वाले उमेश शर्मा, ममता राकेश, सुमित ह्रदयेश, अरविन्द पाण्डे, पांचवें स्थान पर 83 प्रतिशत खर्च वाली ऋतु खण्डूरी हैं।

उत्तराखंड के सबसे कम विधायक निधि खर्च होने वाले विधायकों में सबसे कम 30 प्रतिशत खर्च करने वाले किशोर उपाध्याय, दूसरे स्थान पर 41 प्रतिशत खर्च वाले प्रमोद अग्रवाल, तीसरे स्थान पर 42 प्रतिशत खर्च वाले डा0 धन सिंह रावत, चौथे स्थान पर 47 प्रतिशत खर्च वाले पुष्कर सिंह धामी, खुशाल सिंह, यशपाल आर्य, रेणु बिष्ट, पांचवे स्थान पर 49 प्रतिशत खर्च वाले सुरेश गडिया है।

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