नयी दिल्ली , सितंबर 25 -- वर्ल्ड स्किल्स शंघाई 2026 में 14 युवा महिलाएं देश का प्रतिनिधित्व कर रहीं हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारतीय महिला प्रतिभागियों की बढ़ती भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रतियोगिता में 14 युवा महिलाएं विभिन्न तकनीकी, व्यावसायिक, रचनात्मक और सेवा आधारित स्किल्स में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। 22 से 27 सितंबर तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का 70 सदस्यीय दल 63 अलग-अलग स्किल्स में हिस्सा ले रहा है। दल में महिलाओं की भागीदारी पांचवें हिस्से से अधिक है।
मंत्रालय ने कहा कि महिला प्रतिभागी केमिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग, विजुअल मर्चेंडाइजिंग, फैशन टेक्नोलॉजी, रिटेल सेल्स और हेल्थ एंड सोशल केयर सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इनके अलावा होटल रिसेप्शन, रेस्तरां सर्विस, कुकिंग, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, हेयरड्रेसिंग, ब्यूटी थेरेपी, बेकरी तथा पेस्ट्री एंड कन्फेक्शनरी जैसी स्किल्स भी शामिल हैं।
वर्ल्डस्किल्स इंडिया की ऑफिशियल डेलीगेट और कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा सेनशर्मा ने कहा कि इन युवा महिलाओं की भागीदारी भारत के स्किलिंग क्षेत्र में हो रहे बदलाव को दर्शाती है और यह संदेश देती है कि कौशल का कोई लिंग नहीं होता।
टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करने वाली 14 महिला प्रतियोगियों में केमिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में संपदा देसाई, लॉजिस्टिक्स एंड फ्रेट फॉरवर्डिंग में मेहरुन्निसा बेगम, विजुअल मर्चेंडाइजिंग में अनुजा अजय वारे, फैशन टेक्नोलॉजी में विधि नीरवकुमार सुथार, रिटेल सेल्स में सानिया जोशी, हेल्थ एंड सोशल केयर में विष्णुप्रिया सुनील, होटल रिसेप्शन में रशमीत कौर हंसपाल, रेस्तरां सर्विस में झांसीरानी राउत, कुकिंग में तनुश्री मपेश, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग में मुस्कान, हेयरड्रेसिंग में जुई संतोष सपके, ब्यूटी थेरेपी में टी. साबिर सुतार, बेकरी में स्मृति नाम्बियार और पेस्ट्री एंड कन्फेक्शनरी में कृष्णंजलि साहू शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार इन महिला प्रतिभागियों की मौजूदगी तकनीकी, रचनात्मक, स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर में युवतियों के लिए बढ़ते करियर विकल्पों को दर्शाती है। प्रतिभागियों ने वैश्विक प्रतियोगिता से पहले व्यापक प्रशिक्षण लिया है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अपनी तकनीकी क्षमताओं को परखने का अवसर मिल रहा है।
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