मॉन्टेरी (मैक्सिको) , जून 30 -- नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने सोमवार को मोरक्को से पेनल्टी शूटआउट में हारकर अपनी टीम के वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद अपने भविष्य पर संदेह जताया।

कोमैन ने कहा कि वह अभी भी मॉन्टेरी स्टेडियम में मिले इस नतीजे को समझने की कोशिश कर रहे हैं। यह हार वर्ल्ड कप फ़ाइनल में नीदरलैंड्स की सबसे जल्दी हुई विदाई थी; इससे 20 साल पहले जर्मनी में टीम राउंड ऑफ़ 16 से बाहर हो गई थी।

उन्होंने कहा, "मैंने इस्तीफ़ा नहीं दिया है। मैं अपने भविष्य के बारे में सोचूंगा। अभी मैच की निराशा बहुत ताज़ा है। मैं अपने विचारों को इकट्ठा करूंगा और शायद कल सुबह तक किसी नतीजे पर पहुंचूंगा।"कोडी गैकपो ने राउंड-ऑफ़-32 के मुकाबले में 72वें मिनट में गोल करके नीदरलैंड्स को बढ़त दिलाई थी, लेकिन इसके बाद इस्सा डियोप ने 91वें मिनट में बराबरी का गोल करके मैच को एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा दिया। शूटआउट में डच टीम के लिए जस्टिन क्लुइवर्ट, क्विंटन टिम्बर और क्रिसेनसिओ समरविले अपने-अपने मौके चूक गए।

कोमैन ने कहा, "जब हमने अपने ग्रुप में मोरक्को को देखा, तभी से यह एक मुश्किल ड्रॉ था, लेकिन फ़ुटबॉल ऐसा ही है। हमने इस मैच में बहुत ऊर्जा लगाई और खेल उतार-चढ़ाव वाला रहा। शायद मोरक्को ने बेहतर मौके बनाए। हमने बढ़त बनाई थी और मुझे नहीं लगा कि उनके पास इसका कोई ठोस समाधान था, फिर उन्होंने किस्मत से एक गोल कर दिया। जब स्टॉपेज टाइम में ऐसा होता है तो यह और भी दर्दनाक होता है। पेनल्टी शूटआउट में भी हमारी किस्मत खराब रही।"कोमैन ने पांच-खिलाड़ियों वाली डिफेंस रणनीति अपनाने के अपने फ़ैसले का बचाव किया और इस बात से इनकार किया कि उनकी रणनीति बहुत ज़्यादा डिफेंसिव थी।

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