वर्धा , मई 18 -- महाराष्ट्र में वर्धा जिले की पुलिस ने नियमित फायरिंग अभ्यास के दौरान एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) की लगने से मौत के मामले में आरोपी मेजर मनन तिवारी की हिरासत के लिए पुलगांव स्थित केंद्रीय गोला-बारूद डिपो (सीएडी) से संपर्क किया है।

यह जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी।

यह घटना 15 मई को पुलगांव फायरिंग रेंज में घटी, जहां रक्षा सुरक्षा कोर के जेसीओ, सूबेदार मेजर ओम बहादुर खंड ने फायरिंग अभ्यास के दौरान हुई एक घटना में अपनी जान गंवा दी। अधिकारियों ने इसे आकस्मिक घटना निरुपति किया है। घटना के बाद मेजर तिवारी को सीएडी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है।

फायरिंग स्थल पर मौजूद चश्मदीद गवाह लांस नायक बीरसिंह धामी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, पुलगांव पुलिस ने 15 मई को मेजर तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया।

एफआईआर के अनुसार, प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान मेजर तिवारी और सूबेदार मेजर खंड दोनों फायरिंग बूथ पर तैनात थे। कथित गोलीबारी सुबह आठ बजे से साढ़े आठ बजे के बीच हुई, जब मेजर तिवारी ने अपनी इंसास 5.56 राइफल से गोली चलाई, जो खंड की बाईं आंख में लगी।

शिकायत में कहा गया है कि घटनास्थल पर मौजूद कर्मियों ने तुरंत मेजर तिवारी को काबू में कर लिया जबकि पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिकायतकर्ता धामी ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि उन्हें कथित हत्या के पीछे के किसी भी मकसद की जानकारी नहीं है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने मामले की आगे की जांच में सुविधा प्रदान करने के लिए आंतरिक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मेजर तिवारी की हिरासत को सीए अधिकारियों को स्थानांतरित करने का औपचारिक रूप से अनुरोध किया है।

इस बीच, 16 मई को नागपुर के रक्षा पीआरओ ने एक्स पर एक पोस्ट में सूबेदार मेजर खंड (56) की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि यह घटना पुलगांव में छोटे हथियारों के रेंज में नियमित फायरिंग अभ्यास के दौरान हुई थी।

रक्षा अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा सेना और पुलिस दोनों निष्पक्ष एवं तटस्थ जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी हिरासत में है और सेना चल रही जांच में नागरिक पुलिस को पूरा सहयोग दे रही है।

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