नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है।

श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, "आज तकनीक तेजी से बदल रही है। इसके कारण नौकरियों का नेचर भी तेजी से बदलता जा रहा है इसीलिए,राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है।"उन्होंने कहा, "आज स्कूल के स्तर से ही, बच्चों में तकनीक और नवाचार का माइंडसेट बनाया जा रहा है। इसमें अटल इनोवेशन मिशन प्रभावी काम कर रहा है। अभी तक देशभर में एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अटल टिंकरिंग लैब्स का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के माध्यम से भी रिसर्च और डेवलपमेंट के कल्चर को गति मिल रही है।"राष्ट्रपति ने कहा कि देश के आईटीआई नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए एक हजार आईटीआई को फ्यूचर रेडी बनाया जा रहा है। इस पर पीएम-सेतु योजना के तहत साठ हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के लिए एक इंडस्ट्री रेडी वर्क फोर्स तैयार कर रही है। अब तक साठ हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। दस लाख युवाओं को एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज एआई के दुरुपयोग से पैदा हो रहे खतरों के विषय में गंभीर होना बहुत आवश्यक है। डीप फेक, मिस इनफोर्मेशन और फेक केंटेट लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और जनता के विश्वास के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इस गंभीर विषय पर आप सभी को मिलकर विचार करना चाहिए।

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