क्राइस्टचर्च , अक्टूबर 21 -- भारत के सामने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले टी 20 से पूर्व पहली बड़ी चुनौती यह होगी कि उसके स्पिन ऑलराउंडर एशियाई परिस्थितियों की तुलना में गेंद से कम असरदार साबित हो सकते हैं। घरेलू मैदान पर भारत अक्षर पटेल, नमन धीर और एक तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडर पर भरोसा करता रहा है, ताकि ये तीनों मिलकर आठ ओवर डाल सकें। न्यूज़ीलैंड में भारत को इस रणनीति को बदलना पड़ सकता है। टीम नमन धीर को बाहर बैठाकर दो तेज़ गेंदबाज़ी ऑलराउंडरों को खिला सकती है। हालांकि धीर ने अपने पिछले मैच में छह गेंदों पर 24 रन बनाए थे।
वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ बारिश से धुल गए सीरीज़ के निर्णायक मुक़ाबले में भुवनेश्वर कुमार की वापसी हो गई थी। अनुभव को देखते हुए उन्हें प्लेइंग-XI में एक बार फिर जगह मिल सकती है। लेकिन बड़ा सवाल है कि फ़िट हो चुके वरुण चक्रवर्ती को कैसे अंतिम एकादश में लाया जाए। क्या भारत एक मिस्ट्री स्पिनर को खिलाएगा या तीसरे तेज़ गेंदबाज़ को? क्राइस्टचर्च में खेले गए पिछले टी20 अंतर्राष्ट्रीय में दक्षिण अफ़्रीका ने तीन स्पिनरों को खेलाया था, लेकिन वह सीज़न का आख़िरी दौर था। गर्मियों की शुरुआत में परिस्थितियां तेज़ गेंदबाज़ों के मुफीद रहती हैं।
उधर मेज़बान टीम की बात करें तो मार्क चैपमैन की ग़ैरमौजूदगी उन्हें ज़रूर खलेगी। हालांकि गेंदबाज़ी में न्यूज़ीलैंड के पास स्पिन के तीन विकल्प होंगे। इनमें कप्तान मिचेल सैंटनर के अलावा माइकल ब्रेसवेल और ग्लेन फ़िलिप्स शामिल हैं, जो केवल बल्लेबाज़ के तौर पर भी प्लेइंग-XI में जगह बना सकते हैं। तेज़ गेंदबाज़ी विभाग में टीम के पास कई विकल्प हैं। जैकब डफ़ी, मैट हेनरी, एडम मिल्न, लॉकी फ़र्ग्युसन, काइल जेमीसन और ब्लेयर टिकनर में से चयन किया जा सकता है।
रचिन रवींद्र चोट के कारण बाहर हैं। ऐसे में फ़िन ऐलन और टिम साइफ़र्ट के साथ डेवन कॉन्वे शीर्ष तीन में बल्लेबाज़ी कर सकते हैं।
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