रायपुर , जुलाई 03 -- छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब रायपुर के पूर्व उपाध्यक्ष सुखनंदन लाल बंजारे का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह 43 वर्ष के थे। वह पिछले कुछ दिनों से पक्षाघात से पीड़ित थे और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती थे। चिकित्सकों द्वारा ऑपरेशन किए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पत्रकार बंजारे की अंतिम यात्रा आज मोवा स्थित उनके निवास से निकाली गई। उनका अंतिम संस्कार देवेन्द्र नगर मुक्तिधाम में किया गया। उनके परिवार में पिता, दो भाई, पत्नी और दो बच्चे हैं।उनके असामयिक निधन से पत्रकारिता जगत और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर है।मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया पर जारी शोक संदेश में कहा कि वरिष्ठ पत्रकार सुखनंदन बंजारे के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों और शुभचिंतकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

भाजपा प्रदेश देव ने कहा कि बंजारे के निधन से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से एक आत्मीय साथी खो दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कार्य के दौरान बंजारे से लगातार संपर्क रहा। उनका सरल स्वभाव, निष्पक्ष पत्रकारिता और बस्तर के जन सरोकारों के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने कहा कि श्री बंजारे ने बस्तर की आवाज को पूरी ईमानदारी से मुख्यधारा तक पहुंचाया और कम उम्र में उनका निधन मीडिया जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि सुखनंदन बंजारे ने कम उम्र में निष्पक्ष, बेबाक और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि उनका आकस्मिक निधन पत्रकारिता जगत और समाज के लिए बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग के संयोजक हेमंत पाणिग्रही सहित विभाग के सदस्यों ने भी बंजारे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

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