बैतूल , मई 28 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वन सुरक्षा समितियों के नाम पर शासकीय राशि के कथित गबन और फर्जीवाड़े के मामले में बीजादेही पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेमलाल सरियाम और रम्मु कुमरे के रूप में हुई है। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई कार्रवाई के तहत तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की शुरुआत छह जनवरी 2025 को हुई थी, जब परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी चूनाहजूरी दिनेश झारिया ने थाना बीजादेही में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रामपुर भतोड़ी परियोजना मंडल अंतर्गत संचालित पांच वन सुरक्षा समितियों में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

प्राथमिक जांच में वर्ष 2022-23 के दौरान समिति अध्यक्षों और सचिवों द्वारा सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बिना खातों से लाखों रुपए निकालने की बात सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज कर बिना कार्य कराए काल्पनिक कार्य विवरण तैयार किए गए और शासकीय राशि विभिन्न खातों में हस्तांतरित कर निजी उपयोग में ली गई।

पुलिस के अनुसार माटीगढ़ समिति में लगभग 24 लाख रुपए, चिखली में 1.85 लाख रुपए, तेंदूखेड़ा में 2.50 लाख रुपए, आवरिया में 15.58 लाख रुपए तथा काजली समिति में लगभग 16.79 लाख रुपए के गबन की पुष्टि हुई है।

मामले में थाना बीजादेही में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इससे पहले गोविंद वासनिक, चन्द्रेश परते, ओमप्रकाश सरियाम और धनाराम यादव को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई एसडीओपी शाहपुर राजेश तिवारी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी आर.के. मीणा के नेतृत्व में की गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित