संतकबीरनगर , अक्टूबर 30 -- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में वन विभाग की टीम पर हमला करने और संरक्षित पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने दो अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अभियुक्त हकीमुल्लाह पुत्र मोहम्मद रजा और सरवरे आलम पुत्र हकीमुल्लाह निवासी जंगल दशहर, थाना बेलहर कला ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में प्रार्थना-पत्र दाखिल किया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने शुक्रवार को बताया कि अभियोजन पक्ष के अनुसार, मेंहदावल रेंज में तैनात वन रक्षक गोविन्द त्रिपाठी ने तीन अक्टूबर को शाम करीब 5:30 बजे सूचना दी थी कि ग्राम जंगल दशहर में हकीमुल्लाह, सदरे आलम, सरवरे आलम, फारुख और नजमुल वन विभाग के अधीन संरक्षित पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं।
आरोप है कि वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रिजर्व फॉरेस्ट की लकड़ी काटकर ट्रैक्टर से ले जाने से रोका तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद सभी आरोपियों ने एक राय होकर लोहे की कुल्हाड़ी और रॉड से वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। हमले में सरकारी कर्मचारियों को गंभीर चोटें आईं। आरोपियों पर गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का भी आरोप है। इस घटना में अजीत सिंह और आदित्य सिंह को भी चोटें आईं।
अदालत ने मामले की गंभीरता, सरकारी कर्मचारियों पर हमले, सरकारी कार्य में बाधा डालने और वन विभाग की संरक्षित लकड़ी की चोरी के आरोपों को ध्यान में रखते हुए दोनों अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। अब अभियुक्तों के पास गिरफ्तारी के बाद नियमित जमानत लेने अथवा आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प है।
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