चंडीगढ़ , जुलाई 10 -- चंडीगढ़ वन महोत्सव समारोह के दौरान शुक्रवार को यहां के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पौधारोपण के सरकारी दावों पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगायी और कहा कि हर साल विभाग लाखों-करोड़ों पौधे लगाने के दावे करता है, लेकिन यदि इन सभी आंकड़ों को जोड़ लिया जाये तो शहर में एक इंच जमीन भी खाली नहीं बचनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बढ़ा-चढ़ाकर दावे और झूठ बोलने की आदत छोड़नी होगी।
श्री कटारिया ने कहा कि केवल कागजों में पौधारोपण दिखाने से पर्यावरण नहीं सुधरेगा। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी कई अभियानों के दौरान अधिकारी सम्मानित होकर लौटे, लेकिन जिन पहाड़ियों पर हरियाली लाने का दावा किया गया, वे आज भीखाली हैं। उन्होंने अधिकारियों से वास्तविक परिणामों पर ध्यान देने और आत्ममंथन करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक प्रयासों की बदौलत चंडीगढ़ का ग्रीन कवर बढ़कर 51.6 प्रतिशत हो गया है, जो देश में सबसे अधिक माना जाता है। उन्होंने कहा कि पेड़ बचाना और नये पौधों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है, क्योंकि पेड़ होंगे तभी पानी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ सौभाग्यशाली है, जहां आज भी 50-50 साल पुराने बरगद समेत कई विशाल पेड़ मौजूद हैं। इनकी हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने जलवायु परिवर्तन का उदाहरण देते हुए कहा कि अमरनाथ गुफा का बर्फ का शिवलिंग इस बार कुछ ही दिनों में तेजी से पिघल गया, जो बदलते पर्यावरण की गंभीर चेतावनी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित