बैतूल , सितंबर 03 -- मध्यप्रदेश के बैतूल वनवृत्त कार्यालय में वन कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर वनवृत्त स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की गई। मुख्य वनसंरक्षक मधु व्ही. राज की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न वनमंडलों के वनमंडलाधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों के निराकरण पर सहमति बनी।

मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष कमलेश चौहान ने कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने और लंबित पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी को विधिवत जांच के बिना निलंबित नहीं किया जाना चाहिए। पूर्व में निलंबित कर्मचारियों के मामलों का भी नियमानुसार निराकरण कर उन्हें जल्द बहाल करने की मांग की गई।

बैठक में लंबे समय से एक ही पटल पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के पटल परिवर्तन का मुद्दा भी उठाया गया। विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लंबे समय से एक ही पटल पर पदस्थ कर्मचारियों का समय-समय पर पटल परिवर्तन किया जाना आवश्यक है।

इसके अलावा वर्ष 2025 के गोपनीय प्रतिवेदन समय पर लिखे जाने, मैदानी कर्मचारियों को वर्दी उपलब्ध कराने, विभागीय पहचान पत्र जारी करने और वर्दी भत्ते का भुगतान करने सहित अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने लंबित मामलों का नियमों के अनुसार शीघ्र निराकरण करने की मांग रखी।

बैठक में अजाक्स संघ के अनिल कापसे, दशरथ धुर्वे और मुकेश उपराले, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष कमलेश चौहान, वन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आकाश प्रधान एवं केके खतारे तथा लघुवेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रविंद्र पाटिल सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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