बैतूल , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वन अधिकार दावों के समयबद्ध निराकरण को लेकर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र व्यक्ति वन अधिकार पट्टे के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन अधिकार पात्र व्यक्तियों का विधिवत अधिकार है और इसका लाभ सरल एवं सुगम प्रक्रिया से मिलना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावों की प्रगति की समीक्षा की गई। धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने भैंसदेही के एसडीएम अजीत मरावी और दक्षिण वन मंडल के एसडीओ देवानंद पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे ने भी दावों का समय-सीमा में निराकरण करने पर जोर दिया। इस दौरान भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत गुरुवा के ग्राम गुरुवा और ग्राम पंचायत चिचली के ग्राम बालू के सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावों का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। बैठक में कुल 100 वन अधिकार दावों का निराकरण किया गया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्राम समिति, उपखंड समिति और जिला स्तर पर अनुमोदन की प्रक्रिया पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ पूरी की जाए। अमान्य दावों के निरस्तीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने और पात्र दावों का पुनः परीक्षण कर समय पर निराकरण करने को भी कहा गया। उन्होंने राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों को स्वीकृत वन अधिकार पट्टों को जल्द राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को उनके भूमि अधिकारों का पूरा लाभ मिल सके।
बैठक में वन मंडलाधिकारी लक्ष्मीकांत वासनिक, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग वत्सला शिवहरे, रेंज अधिकारी रविन्द्र पाटीदार सहित अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित