नयी दिल्ली , सितंबर 23 -- राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने वन्य जीवों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए असम में 86 जीवित टोके गेको बरामद किए। कानून के तहत इन वन्य प्राणियों का व्यापार अवैध है।
वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार अवैध वन्यजीव व्यापार सौदे के संबंध में मिली खास खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने 22 सितंबर को असम के मारियानी स्थित बंदर चालिया गांव ग्राउंड में दो लोगों को रोका। इस अभियान के दौरान, उनके कब्जे से लुप्तप्राय वन्यजीव प्रजाति के 86 जीवित टोके गेको बरामद किए गए और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अंतर्गत जब्त किए गए।
टोके गेको वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I और सीआईटीईएस के अनुलग्नक-II के अंतर्गत सूचीबद्ध है, जो इसके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है। पकड़े गए दोनों लोगों को बरामद जीवित गेको के साथ असम के मारियानी रेंज वन कार्यालय को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित