अलवर , अगस्त 07 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य के अति-संवेदनशील और प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

शुक्रवार को रेंज अकबरपुर, नाका सदर के बीट काली खोल क्षेत्र में सरिस्का वन विभाग के दल ने एक विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए छह मवेशी बाड़ों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा वन्य जीवों के लिए आरक्षित प्रतिबंधित भूमि पर अवैध रूप से मवेशी चराई के लिए छह बड़े बाड़े (अहाते) बना लिए गए थे। सूचना मिलने पर सरिस्का प्रशासन ने एक विशेष दल का गठन किया। वनकर्मियों का दल जब भारी दलबल के साथ काली खोल पहुंचा, तो वहां हड़कंप मच गया। दल ने बिना किसी ढिलाई के सभी छह अवैध मवेशी बाड़ों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।

इस कार्रवाई से पहले भी सरिस्का प्रशासन ने तीन अगस्त को प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से मवेशी चराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 30 भैंसों को जब्त किया था।

गौरतबल है कि काली खोल का यह इलाका पहले से ही वन विभाग और स्थानीय अतिक्रमणकारियों के बीच टकराव का केंद्र रहा है। महज दो महीने पहले इसी काली खोल क्षेत्र में जंगल से अवैध रूप से लकड़ियां ले जा रहे ग्रामीणों को रोकना वन विभाग के दल को भारी पड़ गया था। उस समय ग्रामीणों ने एकजुट होकर वनकर्मियों पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हिंसक घटना के बावजूद वन विभाग ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

सरिस्का प्रशासन बाघों और अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है।

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