बैतूल , अगस्त 02 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वन क्षेत्र में अवैध कटाई, वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुंचाने और संरक्षण कार्यों को क्षति पहुंचाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई दक्षिण बैतूल वनमंडल के ताप्ती वन परिक्षेत्र अंतर्गत शैलुढाना बीट में की गई। वनमंडलाधिकारी अरिहंत कोचर के निर्देशन और उप वनमंडलाधिकारी आमला जितेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी ताप्ती दयानंद डेहरिया के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले की जांच कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

वन विभाग ने बताया कि मामले में सीताराम कासदे, महावीर सेलूकर और गणेश सेलूकर के खिलाफ 26 जुलाई को वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वन क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर वन संपदा को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा जल एवं मृदा संरक्षण के लिए बनाई गई कंटूर ट्रेंच को भी पाट दिया, जिससे संरक्षण कार्य प्रभावित हुए।

विभाग के अनुसार आरोपियों ने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी क्षति पहुंचाई। जांच के दौरान सांप को मारने और उसके आवास को नष्ट करने का मामला भी सामने आया, जिसे भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण में शामिल किया गया है।

वन विभाग ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जब कर्मचारियों ने आरोपियों को समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने वन अमले के साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट का भी प्रयास किया। इसके बाद विभाग ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वन विभाग ने इस मामले में कुल 98,635 रुपये की वन क्षति का प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वन क्षेत्र में अवैध कटाई, वन्यजीवों के आवास को नुकसान पहुंचाने और संरक्षण कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने कहा कि वनों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए नियमित गश्त और विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

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