नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- महाराष्ट्र के पालघर में वधावन बंदरगाह के निर्माण कार्य की प्रगति पर मंगलवार को केंद्र सरकार के तीन मंत्रियों की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने, और जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वधावन बंदरगाह परियोजना पर एक बैठक की।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उच्चतम न्यायालय ने पिछले सप्ताह ही इस बंदरगाह के निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाने संबंधी याचिका खारिज कर दी थी। यह याचिका कुछ स्थानीय कंपनियों द्वारा दायर की गयी थी।

बंदरगाह का निर्माण जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया था कि शीर्ष अदालत के फैसले के बाद परियोजना का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया है।

श्री गोयल ने एक्स पर बताया कि आज की बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया ताकि समय पर इसे पूरा किया जा सके। उन्होंने लिखा कि यह बंदरगाह रोजगार के अवसर पैदा करने और वैश्विक सामुद्रिक व्यापार के मार्ग विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

परियोजाना की लागत 76,000 करोड़ रुपये से अधिक है। वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड के अनुसार, यह देश की सबसे बड़ी नयी मेगा पोर्ट परियोजना है।

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