मुंबई , अगस्त 23 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी समृद्धि महामार्ग और प्रस्तावित शक्तिपथ महामार्ग परियोजनाओँ में पारदर्शिता, राशि के बंटवारे और इनके कुल कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाये हैं।

श्री वडेट्टीवार ने रविवार को कहा कि इतनी बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए नियमित, पारदर्शी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया को क्यों नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फायदे वाले ठेका बार-बार कुछ चुनिंदा पसंदीदा ठेकेदारों को ही दिये जाते हैं।

परियोजना के काम में भारी वित्तीय गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए श्री वडेट्टीवार ने दावा किया कि जिन परियोजनाओं का शुरुआती बजट 500 करोड़ रुपये था, उन्हें अक्सर लगभग 300 करोड़ रुपये में दूसरे ठेकेदारों को 'सबलेट' कर दिया जाता है। उन्होंने प्रशासन से 200 करोड़ रुपये के इस अंतर का हिसाब-किताब देने की मांग की।

कांग्रेस नेता ने इस मामले की एक स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निर्माण की गुणवत्ता और आवंटित 35,000 करोड़ रुपये के अंतिम इस्तेमाल की बारीकी से जांच होनी चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित