भोपाल , मई 25 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि वक्फ संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने और उन्हें ऑनलाइन दर्ज करने का कार्य ऐतिहासिक है तथा मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड देश का श्रेष्ठ वक्फ बोर्ड बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री आज सोमवार को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में आयोजित मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर 849 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को ऑनलाइन करने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के कारण मध्यप्रदेश को स्कॉच अवार्ड प्राप्त हुआ है। उम्मीद पोर्टल के माध्यम से सभी वक्फ संपत्तियां ऑनलाइन दर्ज की गई हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और अतिक्रमण रोकने में सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा लागू नए वक्फ कानूनों से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है तथा वक्फ बोर्ड की आय में वृद्धि के अवसर बने हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ सुधारों के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम और भारत-पाक युद्ध के वीर सैनिक कैप्टन हमीद का स्मरण करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक्फ भवन का नाम डॉ कलाम के नाम पर रखा जाएगा।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा कि 'पढ़ो-पढ़ाओ और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनो' योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि नए कानूनों और पारदर्शी व्यवस्था के कारण वक्फ बोर्ड की आय में वृद्धि हुई है तथा गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहायता दी जा रही है।

कार्यक्रम में वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरजाना गजाल, शहर काजी मुस्ताक अली नदमी, असलम भाई सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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