कोटा , जून 03 -- राजस्थान में कोटा में चम्बल रिवर फ्रंट पर 25 मई से हुए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत शहरों में विभिन्न वार्डों एवं गांवों में सामूहिक जल शपथ एवं संकल्प के साथ ही तालाब, बावड़ियों एवं अन्य जल स्रोतों की सामूहिक श्रमदान से सफाई करके अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की गयी है।

जिला परिषद सभागार में बुधवार को आयोजित मीडिया राउंड टेबल के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं वंदे गंगा अभियान के जिला नोडल अधिकारी कमल कुमार मीणा ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि अभियान में शामिल विभिन्न विभागों द्वारा कार्ययोजना बनाकर 25 मई से जल संरक्षण, स्वच्छता एवं श्रमदान के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गयी।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा 25 मई को सभी ग्राम पंचायतों में कलश यात्रा, सरोवर पूजन एवं पीपल पूजन जैसी गतिविधियों के साथ पूरे जिले में अभियान शुरू किया गया था। छब्बीस मई को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन करके उसमें अभियान के बारे में चर्चा की गयी एवं सभी को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल स्रोतों, जल संरक्षण ढांचों की सफाई, हरियालो राजस्थान की पूर्व तैयारी के तहत पौधारोपण के लिए गड्ढे खोदने, अमृत सरोवरों एवं बावड़ियों की सफाई जैसे कार्य किये गये। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत हैंडपम्पों के पास सोख्ता गड्ढे बनाकर भू-जल रिचार्ज के प्रयास किए जा रहे हैं।

श्री मीणा ने बताया कि अभियान में शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री श्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, स्थानीय विधायकों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ ही आमजन का भी सहयोग मिला। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर प्रभात फेरी, साइकिल रैली, जनसंवाद, जल चौपाल जैसे कार्यक्रम आयोजित करके जल संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा की गयी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पानी की टंकियों की सफाई की गयी। ऊर्जा विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर के आसपास सफाई, सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सरकारी कार्यालयों की छतों पर सफाई की गयी।

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