अलवर , मई 28 -- राजस्थान में 25 मई से पांच जून तक संचालित 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत गुरुवार को खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में जिला स्तरीय निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र खैरथल-तिजारा के महाप्रबंधक अभिनेन्द्र सैनी ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनसहभागिता और औद्योगिक इकाइयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने उपस्थित औद्योगिक संगठनों, सीएसआर इकाइयों, उद्यमियों एवं भामाशाहों से जल संरक्षण जैसे पुनीत कार्य में अधिक से अधिक आर्थिक एवं अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने अभियान में यथासंभव सहयोग देने की सहमति व्यक्त की।

इसके पश्चात जल ग्रहण एवं भू-संरक्षण विभाग के अधिशाषी अभियंता क्षत्रपाल यादव ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.2 एवं 2.3 के तहत किये जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि जिले में गत वर्षों में जल संरक्षण की दिशा में कई नवाचार एवं विकास कार्य किये गये हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत सीएसआर सहयोग राशि प्राप्त करने में जिला खैरथल-तिजारा ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसमें कुल 55 लाख 83 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं भामाशाहों के माध्यम से प्राप्त हुआ।

कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित जनों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संकल्प दिलाया गया।

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