लखनऊ , मार्च 17 -- लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मंगलवार को मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए तीमारदारों ने रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की और आपातकालीन (ट्रायज) क्षेत्र में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और डॉक्टरों की तहरीर पर एक तीमारदार को हिरासत में ले लिया। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन तिवारी ने बताया, "मरीज लाल बहादुर (45) को निमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम के साथ बेहद गंभीर हालत में लाया गया था। उनका ऑक्सीजन स्तर काफी कम था। डॉक्टरों ने तत्काल वेंटिलेटर पर शिफ्ट करने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने शुरू में सहमति नहीं दी। लगभग दो घंटे की देरी के बाद वेंटिलेशन शुरू किया गया, लेकिन तब तक स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और मरीज को बचाया नहीं जा सका।"प्रवक्ता ने यह भी कहा कि डॉक्टरों ने समय पर इलाज शुरू कर दिया था और लापरवाही के आरोप निराधार हैं। वहीं, तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज को समय पर भर्ती नहीं किया और वेंटिलेटर को लेकर गुमराह किया। उनका कहना है कि अगर सही समय पर इलाज मिलता तो मरीज की जान बच सकती थी। परिजनों ने एक रेजिडेंट डॉक्टर पर महिलाओं के साथ अभद्रता का भी आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

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