नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- लोहड़ी पर प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह की राय में लोहड़ी एक त्योहार नहीं, बल्कि आग के अलाव के साथ गर्मजोशी, खुशियां और परंपराओं का उत्सव है। सर्द रात में गूंजती ढोल की थाप पर भांगड़ा के साथ आग की लपटें उठती हैं तो लोहड़ी अपने पूरे रंग में नजर आती है। लोहड़ी में सरसों का साग, मक्के की रोटी, तिल के लड्डू, गजक और मूंगफली की चिक्की इसकी पहचान है। वहीं शहरों लोहड़ी के घरों तक सिमटने के बावजूद त्योहार की सामाजिक भावना और पारिवारिक जुड़ाव आज भी कायम है।
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