मुंबई , जुलाई 15 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा- एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि यदि केंद्र सरकार सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों को 50 प्रतिशत बढ़ाने पर सहमत होती है, तो उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रस्तावित 131वें संविधान संशोधन (परिसीमन विधेयक) का समर्थन कर सकती है।

श्रीमती सुले ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा विधेयक का समर्थन कर सकती है अगर सरकार सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा सीटों को 50 फीसदी बढ़ाने के लिए इसमें संशोधन करती है। उन्होंने कहा, "पचास प्रतिशत की शर्त कागज पर दीजिये, फिर हम चर्चा करेंगे। विधेयक अभी तक हमारे पास नहीं आया है। जब तक इसका मसौदा हमारे हाथ में नहीं आ जाता, मैं इस पर बात नहीं कर सकती। "सांसद ने बताया कि उन्होंने परिसीमन विधेयक पर चर्चा के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से आहूत सर्वदलीय बैठक में भाग लिया था, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

श्रीमती सुले ने राकांपा (एसपी) के राजग में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, " हमारे बारे में कई तरह की अफवाहें फैलायी जा रही हैं। हमारी पार्टी को बदनाम किया जा रहा है। हमारे कहीं भी जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता, हम इंडिया गठबंधन में हैं।"उनकी पार्टी के कुछ नेताओं का हालांकि दावा है कि यह केवल समय की बात है जब श्री शरद पवार खुद दोनों राकांपा समूहों के फिर से एक होने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राजग को समर्थन देने के कदमों की आधिकारिक घोषणा करेंगे। इसका कारण यह है कि श्री पवार के करीबी श्री जयंत पाटिल सहित पार्टी के अधिकांश नेताओं, सांसदों और विधायकों का मानना है कि राजग का हिस्सा बनने या उसका समर्थन करने से पार्टी की संभावनाएं काफी मजबूत होंगी।

इससे पहले, सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि श्री शरद पवार खेमे के 10 में से नौ विधायकों ने श्री जयंत पाटिल से आग्रह किया है कि वे सीधे राजग के एक घटक दल के रूप में काम करें। विधायकों का मानना है कि अपने-अपने क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्यों को पूरा करने के लिए सरकारी धन तक पहुंच हासिल करने और आगामी 2029 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए यह कदम जरूरी है।

सूत्रों के मुताबिक, खुद श्री पाटिल भी मानते हैं कि राजग के साथ जाना पार्टी के हित में होगा। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के साथ पिछले कुछ समय से पिछले दरवाजे से बातचीत चल रही थी।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी सात जुलाई को राकांपा (एसपी) और भाजपा के बीच चल रही बातचीत पर खुलकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, "यह हकीकत है कि भाजपा के साथ चर्चा चल रही है। अब हमें देखना होगा कि वे सत्ता चुनते हैं या उस रास्ते को जो महाराष्ट्र के प्रगतिशील आंदोलन की रक्षा करता है। उन्हें तय करना है कि वे छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, शाहू महाराज और महात्मा फुले की विचारधारा को बनाये रखना चाहते हैं, या पैसा, संपत्ति, सत्ता और मंत्री पद चाहते हैं।"वर्तमान में महाराष्ट्र विधानसभा में राकांपा (एसपी) के 10 विधायक, आठ लोकसभा सदस्य और एक राज्यसभा सदस्य (खुद शरद पवार) हैं। यह पार्टी कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा है। महाराष्ट्र विधानसभा में एमवीए के पास कुल 46 विधायक हैं, जिनमें शिवसेना (यूबीटी) के 20, कांग्रेस के 16 और राकांपा (शरद) के 10 विधायक शामिल हैं।

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