भोपाल , जून 11 -- मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की कोतवाली पुलिस ने फर्जी लोन रिकवरी और साइबर ब्लैकमेलिंग के जरिए लोगों से अवैध वसूली करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर लोगों से धन उगाही करते थे और लेन-देन को छिपाने के लिए क्रिप्टो करेंसी का उपयोग करते थे।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार दो जून को एक पीड़ित ने कोतवाली थाना राजगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोपियों ने उसकी फोटो का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा परिचितों को भेजने की धमकी दी। भय और दबाव के चलते पीड़ित ने विभिन्न यूपीआई खातों में 28 हजार रुपये स्थानांतरित कर दिए थे।
शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य स्वयं को लोन रिकवरी एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करते थे और उनकी व्यक्तिगत जानकारी तथा फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील सामग्री तैयार कर ब्लैकमेलिंग करते थे।
पुलिस के अनुसार अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित कर क्रिप्टो करेंसी यूएसडीटी में परिवर्तित किया जाता था। आरोपी अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लेन-देन के स्रोत को छिपाने का प्रयास करते थे। कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों से लगभग 30 लाख रुपये के अन्य संदिग्ध साइबर लेन-देन के संकेत भी मिले हैं। पुलिस मोबाइल फोन, बैंक खातों, सोशल मीडिया प्रोफाइल, डिजिटल वॉलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही गिरोह के संभावित अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान लोन ऐप, फर्जी रिकवरी एजेंटों अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त धमकी भरे संदेशों से सावधान रहें और किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचना दें।
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