नैनीताल , मार्च 25 -- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में हिंदुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) कामगार संघ की ओर से दायर 37 अपीलों पर बुधवार को भी सुनवाई नहीं हो पायी। अब अगली सुनवाई के लिए 30 अप्रैल की तिथि नियत की गई है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में आज इन अपीलों पर सुनवाई होनी थी। एचएमटी कामगार संघ की ओर से एकलपीठ के आदेश को स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी गई है।

केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद पेश हुईं लेकिन समयाभाव के चलते इस प्रकरण में सुनवाई नहीं हो पायी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 अप्रैल की तिथि तय कर दी।

मामले के अनुसार 17 नवम्बर, 2016 को केंद्र सरकार ने नैनीताल के रानीबाग स्थित एचएमटी को सशर्त बन्द करने की अनुमति दी थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की केबिनेट समिति ने फैक्ट्री को बंद करने से पूर्व कर्मचारियों को वर्ष 2007 में निर्धारित वेतनमान के साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पैकेज देने के निर्देश दिए थे किन्तु आरोप है कि एचएमटी प्रबन्धन ने इस शर्त का अनुपालन नहीं किया और फैक्ट्री बंद कर दी।

एचएमटी प्रबंधन के इस फैसले को संघ की ओर से उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई जिसे एकलपीठ ने खारिज कर दिया था। इस आदेश को कामगार संघ ने स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी है।

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