नयी दिल्ली , जुलाई 29 -- लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 पर अधूरी रही चर्चा के दौरान बुधवार को सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के प्रावधान वाला विधेयक करार देते हुए कहा कि यह परीक्षाओं को सुचारु बनाने में बहुत सहायक होगा।

जनता दल (यू) के दिलेश्वर कामत ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि इसमें ऐसे प्रावधान किये गये हैं, जिससे पेपर लीक माफिया को कड़ी सजा दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि विधेयक में ऐसे परिवर्तन किये गये हैं, जिससे पेपर लीक के अपराध में शामिल लोगों को न केवल कड़ी सजा दी सकेगी बल्कि उन पर जुर्माने के भी कड़े प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं का भविष्य संवारने में मदद मिलेगी। पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों का इस्तेमाल रोक दिये जाने से न केवल विद्यार्थियों के सपनों बल्कि उनके परिजनों के सपनों को भी पूरा करने वाला साबित होगा।

निर्दलीय सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में अधिकारियों की काफी कमी है और वहां मात्र 24 अधिकारी हैं, वही इतनी बड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। वहां ऐसे व्यक्ति को सर्वोच्च अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिसकी निष्ठा संदिग्ध रही है।

श्री यादव ने कहा कि एनटीए को मिलने वाली रकम का हिसाब भी दिया जाना चाहिए। एनटीए के खाते में आने वाली रकम कहां जा रही है, इसका खुलासा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनटीए का ऑडिट किया जाना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डॉ भोपाल सिंह ने कहा कि यह विधेयक विद्यार्थियों के विश्वास को जगाता है। दूरदराज के गांवों के विद्यार्थियों में यह विश्वास हुआ है कि यह उनके सपनों को पूरा करने वाला है1 सरकार ने नकल रोकने के भरपूर प्रयास किये हैं।

रिवाेल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन के प्रेमचन्द्रन ने कहा कि विधेयक को लोगों के पास भेजना चाहिए जिससे उनके भी मत मिल सकें। इसमें दिखावटी प्रावधान और दिखावटी परिवर्तन किये गये हैं।

श्री प्रेमचन्द्रन ने कहा कि गृह मंत्री को सदन में आकर बताना चाहिए कि प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई का आदेश किसने दिया। युवाओं के खिलाफ कई प्रकार के हथियाराें का इस्तेमाल किया गया। वह जानना चाहते हैं कि इसके आदेश किसने दिये।

सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के डॉ इन्द्र हेंग सुब्बा ने कहा कि युवाओं का यह प्रदर्शन और आंदोलन हम सबके लिए एक सतर्क होने का मौका है। परीक्षा से जुड़े सारे तंत्र को सुधारने की जरूरत है। यह विधेयक इस प्रयास में बहुत सहायक होगा। पेपर लीक करने वालों को कड़ी सजा देने का प्रावधान करने वाला यह विधेयक कारगर साबित होगा। वह इसका स्वागत करते हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वालों छात्रों के परिजनों की पीड़ा की भी हमें चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सबसे ज्यादा पेपर लीक की घटनायें होती हैं। उस पर भी गंभीरता से ध्यान देना होगा। राजस्थान में काली सूची में डाली गयी कंपनी को परीक्षाएं संपन्न कराने का अनुबंध दिया गया है।

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