भोपाल , मार्च 25 -- राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पत्रकारिता समाज, देश और दुनिया की गतिविधियों से आमजन को प्रतिदिन परिचित कराती है तथा समस्याओं को उजागर कर उनके समाधान की दिशा भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप जनकल्याणकारी, समाजसेवी और राष्ट्रहितैषी होना समय की महती आवश्यकता है।
राज्यपाल यहां माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर सभी हिन्दी प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा कि 'उदंत मार्तण्ड' के समय निर्धारित "हिंदुस्तानियों के हित" का लक्ष्य आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन, समाज सुधार, स्वावलंबन और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह अवसर अतीत पर गर्व करने के साथ भविष्य के दायित्वों के प्रति सजग रहने का भी है।
राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता की असली पहचान उसकी सत्य को खोजने की क्षमता में है। डिजिटल युग में फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं की चुनौतियों के बीच विश्वसनीयता और नैतिक मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने ग्राफिक्स, वीडियो, पॉडकास्ट, वेबसाइट और मोबाइल ऐप जैसे माध्यमों के जरिए हिन्दी पत्रकारिता को नई पीढ़ी से जोड़ने पर जोर दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने माधवराव सप्रे सम्मान से विकास मिश्र, महेश गुप्ता सृजन सम्मान से अरुण नेथानी और अशोक मानोरिया पुरस्कार से डॉ. बृजेश शर्मा को सम्मानित किया। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षाविदों, पत्रकारों और साहित्यकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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