दरभंगा , मार्च 14 -- रभंगा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र ने शनिवार को कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विशेष रूप से कंपाउंडेबल (शमनीय) मामलों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया जाता है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा और आम लोगों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा।
श्री मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति एवं सुलहनामे के आधार पर विवादों का त्वरित, सुलभ एवं सस्ता समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि शमनीय वादों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोक अदालत के माध्यम से समाप्त कराने के लिए आगे आएजिलाधिकारी कौशल कुमार ने आम नागरिकों से अपील की कि वह लोक अदालत के माध्यम से अपने विवादों का आपसी सहमति से समाधान कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं प्रभावी बनाने में सहयोग करें।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के सचिव ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 28 बेंचों का गठन किया गया है। इनमें व्यवहार न्यायालय, दरभंगा में 16, व्यवहार न्यायालय, बेनीपुर में 05 तथा व्यवहार न्यायालय, बिरौल में 07 बेंच शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मुकदमों की सुनवाई की गई। इनमें मुकदमा पूर्व एवं न्यायालयों में लंबित वाद जैसे-शमनीय (कम्पाउंडेबल) आपराधिक वाद, एन.आई. एक्ट की धारा 138 से संबंधित मामले, बैंक ऋण वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, श्रम विवाद, विद्युत एवं पानी बिल संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, सेवा संबंधी मामले (वेतन, भत्ता एवं सेवानिवृत्ति लाभ), जिला न्यायालय में लंबित राजस्व संबंधी मामले तथा अन्य दीवानी वाद जैसे किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा, संविदा के विनिर्दिष्ट पालन से संबंधित मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बीएसएनएल सहित विभिन्न संस्थानों से संबंधित मामलों का भी आपसी सुलह के आधार पर तत्काल निष्पादन किया गया है।
इस अवसर पर विभिन्न बेंचों के पीठासीन पदाधिकारी, अधिवक्ता गण, न्यायालय कर्मी उपस्थित थे।
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