नैनीताल , अक्टूबर 12 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को दो सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने हल्द्वानी के गौलापार निवासी रवि शंकर जोशी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए।
प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। सरकार की ओर से लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर रूल्स तैयार कर लिए गए हैं। सर्च कमेटी क्रियाशील हो गई है। सर्च कमेटी की ओर से लोकायुक्त के लिए आवेदन मांगे हैं।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता (सीएससी) पूरन सिंह बिष्ट की ओर से कहा गया कि सरकार को प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ समय दिया जाये। अदालत ने दो सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इस मामले में अब दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।
इसके साथ ही अदालत ने लोकायुक्त कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों के वेतन के मामले में सह्रृदयता दिखाते हुए सात नवम्बर 2023 के आदेश को आगे बढ़ाते हुए चालू वित्तीय वर्ष तक वेतन भुगतान के निर्देश दिए हैं। यही नहीं अदालत ने बिजली और पानी के बिलों के भुगतान के भी निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2021 में दायर जनहित याचिका में कहा गया कि प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है जबकि लोकायुक्त कार्यालय के नाम पर प्रतिवर्ष दो से तीन करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। याचिका में कहा गया कि प्रदेश में कई घोटाले हो रहे हैं और लोकायुक्त के अभाव में हर छोटे-बड़े मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देंनी पड़ रही है।
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