नैनीताल , मई 13 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से की जा रही हीलाहवाली को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्धन को 24 घंटे के भीतर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 मई को निर्धारित की गई है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने बुधवार को यह निर्देश हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।
सुनवाई में स्वयं पक्षकार के रूप में उपस्थित रविशंकर जोशी ने बताया कि राज्य सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में लगातार देरी कर रही है। वह इस मामले को टालती जा रही है।इससे पहले राज्य सरकार ने अदालत को बताया था कि सर्च कमेटी का गठन कर दिया गया है और जल्द ही लोकायुक्त की नियुक्ति कर दी जाएगी।
सरकार की ओर से आज भी रिपोर्ट पेश करने के लिए अदालत से समय की मांग की गयी। सरकार की ओर से कहा गया कि विगत 29 अप्रैल को सर्च कमेटी की बैठक बुलाई गई थी लेकिन विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बैठक में शामिल नहीं हो पाये।
सरकार की ओर से अदालत से समय की मांग की गयी। इसके बाद अदालत ने मुख्य सचिव को 24 घंटे के भीतर लोकायुक्त की नियुक्ति से संबंधित प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने इस मामले में देरी पर नाराजगी भी जताई।
जनहित याचिका में कहा गया है कि राज्य में लंबे समय से लोकायुक्त का पद रिक्त पड़ा हुआ है। राज्य सरकार लोकायुक्त कार्यालय पर प्रतिवर्ष दो से तीन करोड़ रुपये का ख़र्च कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित