जयपुर , मार्च 29 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकसित राजस्थान बनाने में नवनियुक्त लोक सेवकों की अहम भूमिका बताते हुए कहा है कि उन्हें जमीन हकीकत को ध्यान में रखकर समाधान की दिशा में सही कदम बढ़ाये जाने चाहिए।

श्री शर्मा रविवार को बिड़ला सभागार में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं के नवनियुक्त लोक सेवकों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसेवक अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति सजग रहकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047 के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को देश का नंबर एक राज्य बनना ही हमारी सरकार का संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाया गया है, जिस पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नवनियुक्त लोक सेवकों ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं जैसी परीक्षा कड़ी मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण से उत्तीर्ण की है और इस सफलता में परिजन और परिचितों का अहम योगदान है, अब नवनियुक्त लोक सेवक इस सफलता से उन सभी को संबल प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी बड़े सपने देखे और उन्हेें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम भी करे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण की योजनाएं एवं नीति धरातल पर पहुंची हैं, जिससे किसान, गरीब, मजदूर, घुमंतू-अर्द्धघुमंतू एवं दिव्यांग वर्ग के अनेक युवाओं को लोकसेवक बनने का अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परीक्षा की तैयारी के दौरान जिन भावना और विचारों से प्रेरित होकर नवनियुक्त लोकसेवक आज जिस स्थान पर पहुंचे हैं, वहां भी इन भावना और विचारों को बनाए रखें तथा आमजन की सेवा और कल्याण के कार्य आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि परिश्रम वह सीढ़ी है, जो पद तक तो ले जाती है किंतु सेवाभाव वह नींव है, जो लोक सेवक को आमजन के दिलों में सदा के लिए स्थाई बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सबसे पहले पेयजल व सिंचाई की आवश्यकता की पूर्ति के लिए परियोजनाओं पर काम प्रारंभ किया गया, जिससे आमजन, किसान और उद्योगों की जल आवश्यकता की पूर्ति की जा सके। इसी क्रम में राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी व गंगनहर, देवास परियोजना जैसे अनेक प्रोजेक्ट्स पर निरंतर काम किया जा रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि ऊर्जा की दूसरी बड़ी आवश्यकता की पूर्ति के लिए हमारी सरकार ने केन्द्र सरकार के साथ 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए, जिन पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे किसान को दिन में और आमजन व उद्योगों को भी भरपूर बिजली मिलेगी। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।

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