नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं देने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को भी भारी हंगामा किया जिसके कारण पीठासीन अधिकारी संध्या राय को सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दो बार के स्थगन के बाद पीठासीन अधिकारी ने दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु की तो विपक्षी दलों के सदस्य हंगामा करते हुए सदन के बीचों बीच आ गये। श्रीमती राय ने सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग के लिए सदस्यों से अपनी सीटों पर जाकर बैठने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सदस्य अपने विषयों को उठाने के लिए पूरी मेहनत के साथ सदन में आते हैं और जनता के मुद्दे उठाना चाहते हैं इसलिए हंगामा कर रहे सदस्यों को शांत होकर सदस्यों को मुद्दों को उठाने का मौका देना चाहिए।
श्रीमती राय सदस्यों से बार बार अपनी जगह पर बैठने का आग्रह करती रही लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और हंगामा तेज होने लगा तो उन्होंने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी।
सुबह 11 बजे भी जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। फिर दोपहर 12 बजे सदन के पुन: समवेत होते ही कांग्रेस सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद पर व्यापार समझौते के संबंध में अमेरिका के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाते हुए नारे लिखे पोस्टरों के साथ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को पारित कराने की कार्यवाही शुरु की। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को सदन की मंजूरी के लिए रखा जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही सदन ने ध्वनिमत से मंजूर कर दिया। हंगामा नहीं रुका तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी।
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