नयी दिल्ली , मार्च 08 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सोमवार नौ मार्च की सदन की कार्य सूची में शामिल किया गया है।

लोकसभा की नौ मार्च की संशोधित कार्य सूची के अनुसार प्रश्नकाल के बाद जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के उपरांत सबसे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक बयान देंगे। इसके बाद कांग्रेस सांसद आर. मोहम्मद जावेद, कोडिकुन्निल सुरेश और मल्लू रवि श्री बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सदन में पेश करने की अनुमति मांगेंगे।

कार्य सूची के अनुसार यदि सदन की अनुमति मिल जाती है तो कल ही प्रस्ताव को लोकसभा में रखा जा सकता है।

विपक्ष द्वारा लाये गये इस अविश्वास प्रस्ताव में लोकसभा अध्यक्ष पर विपक्षी सांसदों के साथ भेदभाव करने, उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं देने और सत्ता पक्ष के सदस्यों की अनुचित टिप्पणियों पर भी कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है।

प्रस्ताव में कहा गया है, "यह सदन, सदन के अध्यक्ष के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए, जिसमें नेता प्रतिपक्ष और दूसरे विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं देना, विपक्ष की महिला सांसदों पर बेवजह आरोप लगाना, जनता की चिंता के मुद्दे उठाने पर विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करना और पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ पूरी तरह से आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने पर सत्ता पक्ष के सदस्यों की भर्त्सना न करना शामिल है... उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव करता है।"विपक्ष ने आरोप लगाया है कि श्री बिरला ने "सदन के सभी वर्गों का विश्वास जीतने के लिए ज़रूरी निष्पक्ष रवैया बनाये रखना बंद कर दिया है; अपने पक्षपातपूर्ण रवैये में वह सदन के सदस्यों के अधिकारों की अनदेखी करते हैं और ऐसे अधिकारों को प्रभावित करने और कमज़ोर करने के लिए घोषणाएं और फैसले देते हैं; वह सभी विवादित मामलों पर सत्ताधारी पक्ष का खुले तौर पर पक्ष रखते हैं..."।

प्रस्ताव में कहा गया है कि ये सभी काम सदन के ठीक से काम करने और लोगों की चिंताओं और शिकायतों को असरदार तरीके से व्यक्त करने के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

श्री बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस संसद के मौजूदा बजट सत्र के पहले चरण में 10 फरवरी को दिया गया था। इस पर 118 विपक्षी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।

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