जयपुर , मार्च 21 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाए रखने में पत्रकारिता की अहम भूमिका बताते हुए कहा है कि लोकतंत्र हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवन पद्धति में सदैव विद्यमान रहा है और पत्रकारिता समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज को शासन तक पहुंचाने का कार्य करती है।
श्री बिरला शनिवार को पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश जी के जन्म शताब्दी पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री कुलिश ने पत्रकारिता के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता की एक नई मिसाल स्थापित की जो आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी है। आज भी राजस्थान पत्रिका श्री गुलाब कोठारी के नेतृत्व में उन्हीं मूल्यों के आधार पाठक को सर्वोपरि मानकर कार्य कर रहा है।
उन्होंने भाषा के महत्व को बताते हुए कहा कि लोकसभा में सदस्यों को 22 भाषा में बोलने का अवसर दिया गया। इससे जनप्रतिनिधियों का अपनी क्षेत्र की जनता के साथ जुड़ाव मजबूत हुआ। कुलिशजी ने कहा था कि जनसंख्या बोझ नहीं है। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है और आने वाले समय में अपने नैतिकता एवं विचारों से विश्व पर शासन करेगा।
इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की ताकत है। पत्रकारिता समाज को जागरूक करने के साथ ही सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करती है। इसके माध्यम से उठाए गए विषयों पर न केवल सरकार का ध्यान आकर्षित होता है, बल्कि उनके समाधान का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
श्री शर्मा ने कहा कि एक समय ऐसा था जब राजस्थान में सीमित समाचार पत्र होते थे और लोगों को सम्पूर्ण प्रदेश की जानकारी के लिए विशेष रूप से समाचार पत्र पढ़ने का इंतजार रहता था। उस दौर में श्री कुलिश ने सत्य, निर्भयता और जनसेवा के प्रति अपने जीवन को समर्पित कर समाज और राष्ट्र के महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से पटल पर रखा। श्री कोठारी भी इन मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में परिवर्तन आया है। ऐसे समय में जनसरोकार एवं निष्पक्षता के मूल्यों पर अड़िग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने 1975 के आपातकाल के समय का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन दौर में भी पत्रकारों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उसे जीवित रखा। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों और वरिष्ठ पत्रकारों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्री कुलिश ने अपनी पत्रकारिता की यात्रा टोंक से प्रारम्भ की। उस दौर की कठिन चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में भी उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाने का बड़ा कार्य किया। राजस्थान पत्रिका ने जनहित को ध्यान रखते हुए ईमानदारी और सहजता से पत्रकारिता की है। उन्होंने कहा कि कुलिशजी ने पत्रकारिता के बाद जनहित के कार्य किए।
इस अवसर पर उच्चत्तम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी, पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी तथा राज्य के कई मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन लोग मौजूद थे।
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