नलगोंडा , जुलाई 03 -- तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने शुक्रवार को 1975-77 के आपातकाल काल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का 'सबसे काला अध्याय' बताया और कहा कि आने वाली पीढ़ियों को उस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रेस की आजादी के दमन के बारे में पता होना चाहिए।

श्री राव ने चिंता मुथ्याला राव की लिखी पुस्तक 'नलगोंडा डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी-एरा फाइटर्स' के विमोचन के बाद कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा चुनाव रद्द किये जाने के बाद सत्ता बनाये रखने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि 19 महीने की आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए संविधान का गलत इस्तेमाल किया, प्रेस की आजादी को सीमित किया, विपक्षी नेताओं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनसंघ के कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और वकीलों को जेल में डाला और असहमति की आवाज को दबाया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपातकाल काल को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए कदम उठाये हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां लोकतंत्र पर इसके प्रभाव को समझ सकें। कांग्रेस पर आपातकाल के लिए कभी माफी न मांगने का आरोप लगाते हुए श्री राव ने कहा कि संविधान की रक्षा पर दूसरों को उपदेश देने का इस पार्टी को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने पंच तीर्थ स्मारकों जैसी पहलों के माध्यम से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को सम्मानित करने के लिए मोदी सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।

श्री राव ने नलगोंडा के आपातकाल काल के योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके बलिदानों ने देश में लोकतंत्र को बहाल करने में मदद की। उन्होंने युवाओं और मीडिया से आपातकाल की घटनाओं का अध्ययन करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ने वालों की विरासत को संरक्षित करने का आग्रह किया।

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