दरभंगा , अप्रैल 04 -- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मुनेश्वर यादव ने शनिवार को कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का कानून ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा भी है।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग ने बाबू जगजीवन राम की 116 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर समारोह का आयोजन किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ.अनिल कुमार चौधरी ने की।
मुख्य वक्ता पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.मुनेश्वर यादव ने कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का कानून ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा भी है। उन्होंने बाबू जगजीवन राम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके रक्षा मंत्री के कार्यकाल में बांग्लादेश का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने औद्योगीकरण, कल्याणकारी राज्य की अवधारणा और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहे।
बतौर मुख्य अतिथि सामाजिक विज्ञान के संकायाध्यक्ष प्रो. शाहिद हसन ने कहा कि बाबूजी का लंबा संसदीय कार्यकाल रहा है। उन्होंने आजादी के पूर्व से आजादी के बाद तक समाज के शोषितों एवं वंचितों के लिए आवाज उठाया।
डॉ. मुकुल बिहारी वर्मा ने अपने बीज वक्तव्य में कहा कि वंचित वर्गों को समाज और राजनीति की मुख्य धारा में लाने की प्रक्रिया में बाबू जगजीवन राम एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया।
हिन्दी के विभागाध्यक्ष प्रो.उमेश कुमार ने अपने उद्बोधन में माखनलाल चतुर्वेदी और जगजीवन राम के बीच संबंध स्थापित किया एवं उनकी जयंती को समता दिवस के रूप में मनाने की बात कही।
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