लंदन , जुलाई 19 -- रविवार को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में भारतीय बल्लेबाजी के इतिहास में एक नया मुकाम हासिल हुआ। तेंदुलकर के बाद के दौर के दो बड़े खिलाड़ी, रोहित शर्मा और विराट कोहली ने मिलकर 400 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए। यह रिकॉर्ड उन्हें खेल के इतिहास की सबसे महान जोड़ियों में शामिल करता है।
यह उपलब्धि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मैच के दौरान हासिल हुई। इस मैच में उतरते ही रोहित और कोहली ने महान सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ की जोड़ी का पिछला भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने मिलकर 391 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे।
400 मैचों का यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों के साथ भारतीय बल्लेबाजी में आए बदलाव को दर्शाता है - तेंदुलकर, द्रविड़ और गांगुली के दौर से लेकर रोहित और कोहली के दबदबे तक का सफर, जिन्होंने बड़े मंचों पर मैच जिताने वाली पारियां खेलने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।
2007 और 2008 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने के बाद से, रोहित और कोहली ने भारतीय क्रिकेट के बदलाव को न केवल देखा है, बल्कि उसे आकार भी दिया है। टी 20 फॉर्मेट के आने से लेकर सभी फॉर्मेट में भारत के एक ताकतवर टीम के रूप में उभरने तक, यह जोड़ी देश की कुछ सबसे यादगार जीतों का अहम हिस्सा रही है।
उन्होंने मिलकर भारत की 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत, दो T20 वर्ल्ड कप जीत और चैंपियंस ट्रॉफी की सफलता में योगदान दिया है। साथ ही, वे कड़े मुकाबले वाले इस दौर में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के प्रतीक भी बने हैं।
उनकी यह उपलब्धि उन्हें एक साथ सबसे ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली जोड़ियों की सर्वकालिक सूची में सातवें स्थान पर लाती है। श्रीलंका के कुमार संगकारा और माहेला जयवर्धने 550 मैचों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर हैं, उनके बाद तिलकरत्ने दिलशान और जयवर्धने (426) और संगकारा-दिलशान (418) का नंबर आता है।
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