चंडीगढ़ , अगस्त 03 -- चंडीगढ़ की लेखिका , अभिनेत्री और फिल्म निर्देशक निकाशा लूथरा का नया उपन्यास लॉस्ट एंड फाउंड इन कश्मीर प्रकाशित हुआ है। इससे पहले वह 'डार्क ट्यूलिप्स' कविता संग्रह, 'फ्लावर्स इन हर रूम' लघु नाटकों का संग्रह तथा 'अनकहे ख़्वाब' और 'सहर की तलाश में' फिल्मों के लेखन एवं निर्देशन के लिए जानी जाती हैं।

निकाशा ने बताया कि 270 पृष्ठों के इस उपन्यास को लिखने में लगभग दो वर्ष का समय लगा। पुस्तक का प्रकाशन अनंता प्रेस प्रकाशन द्वारा किया गया है। उनके अनुसार, इस उपन्यास की प्रेरणा पहलगाम आतंकी हमले से मिले भावनात्मक अनुभवों से मिली।

उन्होंने कहा कि यह एक काल्पनिक कहानी है लेकिन इसमें हिंसा दुख और संघर्ष के बीच आम लोगों के मानवीय अनुभवों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। कहानी कश्मीर की खूबसूरत वादियों की पृष्ठभूमि में बुनी गई है जहां मुख्य पात्र हीर और कबीर अपनों को खोने टूटते रिश्तों और भावनात्मक संघर्षों का सामना करते हैं।

निकाशा ने उपन्यास के कुछ अध्यायों पर आधारित एक लघु चलचित्र भी तैयार किया है। उनका कहना है कि कश्मीर इस कहानी में केवल एक स्थान नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण पात्र की तरह उभरता है जहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ इतिहास संघर्ष और अनकहे दर्द भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि लेखन के दौरान हिंसा को सनसनीखेज बनाने के बजाय मानवीय संवेदनाओं को केंद्र में रखा गया। उनकी उम्मीद है कि यह उपन्यास पाठकों में संवेदनशीलता बढ़ाएगा और कश्मीर को उसके लोगों संस्कृति सुंदरता और मानवीय मूल्यों के लिए याद किए जाने का संदेश देगा।

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