लुधियाना/ जालंधर , जनवरी 31 -- वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं भोलाथ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने शनिवार को लुधियाना में पुलिस द्वारा रंजीत सिंह पर कथित पुलिस बर्बरता और थर्ड-डिग्री टॉर्चर की कड़ी निंदा करते हुए इस घटना को 'बेहद चौंकाने वाला, अमानवीय और कानून के शासन पर सीधा हमला' बताया।
श्री खैरा ने कहा कि ऐसी घटनाएं आम आदमी पार्टी सरकार के तहत पंजाब पुलिस में बढ़ती मनमानी की संस्कृति को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य भर में हिरासत में हिंसा, अवैध हिरासत और फर्जी मुठभेड़ में हत्याओं की हालिया घटनाएं एक खतरनाक और परेशान करने वाले चलन का संकेत देती हैं। उन्होंने कहा, " पंजाब को धीरे-धीरे एक पुलिस राज की ओर धकेला जा रहा है, जहां बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है और नागरिकों को चुप कराने के लिए कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है। रंजीत सिंह पर कथित टॉर्चर कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि भगवंत मान सरकार के तहत दमन के बड़े पैटर्न का हिस्सा है। "सत्ताधारी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए श्री खैरा ने कहा कि आप सरकार का सार्वजनिक रूप से शहीद भगत सिंह और बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों और नामों का इस्तेमाल करना, जबकि व्यवहार में उनके आदर्शों को पूरी तरह से छोड़ देना, बहुत पाखंड है। उन्होंने कहा, " भगत सिंह ने उत्पीड़न और राज्य के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठायी थी, और बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो मौलिक अधिकारों और राज्य की ज्यादतियों से सुरक्षा की गारंटी देता है। यह शर्म की बात है कि वही सरकार जो उनकी छवियों को दिखाती है, पुलिस अत्याचारों, हिरासत में टॉर्चर और असहमति की आवाज को दबाने की अनुमति देकर उनकी विचारधारा को हवा में उड़ा रही है। "कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए नहीं, बल्कि असहमति की आवाजों को डराने और धमकाने के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और सरकार के आलोचकों को झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामलों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
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