लुधियाना , अगस्त 11 -- पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाये जा रहे अभियान के तहत एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब ने कमिश्नरेट लुधियाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में लुधियाना के प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नौ एमएम की एक ग्लॉक पिस्तौल और एक कारतूस बरामद किया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लुधियाना की चंदरलोक कॉलोनी निवासी मनजीत सिंह उर्फ बॉबी और मोहित कुमार के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि सात अगस्त की रात करीब 11.30 बजे लुधियाना के स्वतंत्र नगर में हथियारों से लैस कई लोगों ने हरजिंदर सिंह उर्फ हैरी झंडा पर पिस्तौल और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया था। हमले में हरजिंदर सिंह की मौत हो गयी थी।

श्री यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मनजीत सिंह उर्फ बॉबी का आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लुधियाना शहर क्षेत्र में एक स्थानीय गिरोह भी संचालित करता रहा है। मामले की आगे जांच जारी है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि एजीटीएफ की टीमों को हरजिंदर सिंह हत्याकांड में वांछित दोनों आरोपियों के ठिकाने के संबंध में विश्वसनीय मानवीय सूचना मिली थी। सूचना को तकनीकी सेल के साथ साझा किया गया और दोनों आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया। तकनीकी जानकारी के आधार पर इंस्पेक्टर विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीमों ने कमिश्नरेट लुधियाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर दोनों आरोपियों को टिब्बा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा ने बताया कि हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गयी है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें तलाश में जुटी हुई हैं।

इस संबंध में थाना टिब्बा, कमिश्नरेट लुधियाना में आठ अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103, 324(4), 307, 191(3) और 190 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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