मुंबई , अक्टूबर 31 -- महाराष्ट्र में मुंबई की सत्र अदालत ने लीलावती अस्पताल के ट्रस्टियों के 'महाराष्ट्र अंधश्रद्धा एवं काला जादू विरोधी अधिनियम' के तहत दर्ज एक मामले में पूर्व ट्रस्टी चेतन मेहता और दो अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया है।
यह मामला अस्पताल के ट्रस्टियों के बीच चल रहे विवाद के दौरान चावल, राख और बाल से भरे आठ मिट्टी के बर्तन गाड़े जाने की घटना से संबंधित है। इन बर्तनों की कथित बरामदगी के बाद अस्पताल के ट्रस्टियों ने अधिकारियों से संपर्क किया था, जिसके बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ अंधश्रद्धा विरोधी कानून के तहत कार्यवाही शुरू की गयी थी।
स्थानीय मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश पारित किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए श्री मेहता और दो अन्य ने मुंबई सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने कहा कि केवल मिट्टी के बर्तनों की बरामदगी और जब्ती अपने आप में अपराध नहीं करती है।
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