नयी दिल्ली , नवंबर 18 -- सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनलों को लाल किला विस्फोट घटना की रिपोर्टिंग करते समय उच्चतम स्तर के विवेक और संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी है।
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को यह सलाह जारी करते हुए कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ समाचार चैनल लाल किला विस्फोटों में शामिल कथित व्यक्तियों से संबंधित सामग्री प्रसारित कर रहे हैं जिसमें उनके हिंसक कृत्यों को उचित ठहराया जा रहा है, साथ ही विस्फोटक सामग्री बनाने की जानकारी वाले वीडियो भी प्रसारित किए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे प्रसारण अनजाने में हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं या उकसा सकते हैं, सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
मंत्रालय ने कहा है कि इसके मद्देनजर सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय उच्चतम स्तर के विवेक और संवेदनशीलता का प्रयोग करें। प्रसारकों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के अंतर्गत कार्यक्रम एवं विज्ञापन संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। ऐसे प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों, विशेष रूप से नियम 6(1)(घ), 6(1)(ङ), और 6(l)(ज) का उल्लंघन कर सकते हैं।
चैनलों से कहा गया है कि किसी भी कार्यक्रम में अश्लील, मानहानिकारक, जानबूझकर झूठा, या विचारोत्तेजक संकेत और आधे अधूरे सच नहीं होने चाहिए । कार्यक्रमों से हिंसा को प्रोत्साहित या भड़काने की संभावना पैदा नहीं होनी चाहिए। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के विरुद्ध और राष्ट्र-विरोधी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। साथ ही राष्ट्र की अखंडता को प्रभावित करने वाली कोई भी बात शामिल होनी चाहिए। सभी टीवी चैनलों को ऐसे दृश्यों का प्रसारण करने से बचने की सलाह दी जाती है जो गैरकानूनी गतिविधियों में सहायता, प्रोत्साहन या बढ़ावा दे सकते हैं।
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