पटना , दिसंबर 09 -- बिहार के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के चारा घोटाला से जुड़े एक मुख्य मामले की पटना स्थित केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में प्रतिदिन सुनवाई होगी।

पुराने मामलों के त्वरित निष्पादन के उच्चतम न्यायालय के निर्देश के आलोक में चारा घोटाला मामलों की सुनवाई कर रही पटना की विशेष अदालत के न्यायाधीश राकेश कुमार ने यह आदेश पारित करते हुए मामले के सभी अभियुक्तों को अदालत में अपनी सशरीर उपस्थिति भी दर्ज कराने का आदेश दिया है।

प्रस्तुत मामला वर्ष 1996 का है । इस मामले में आरोप पत्र में लगभग 250 से अधिक गवाह हैं, जिनमें से 110 गवाहों की गवाही न्यायालय में हो चुकी है। मामला भागलपुर के बांका उप जिला कोषागार से पशुपालन विभाग में जाली विपत्रों के आधार पर लगभग 45 लाख रूपयो की अवैध निकासी का है।

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत कई तत्कालीन मंत्री, विधायक और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी इस मामले में आरोपित हैं। सीबीआई ने मामले की प्राथमिकी आरसी 63 ए 96 के रूप में दर्ज करने के बाद 44 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था ,जिनमें से कई आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है। वर्तमान में लालू प्रसाद समेत 18 आरोपितों के खिलाफ सुनवाई जारी है।

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