पटना , जून 29 -- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) बिहार जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने सोमवार को लालू परिवार को घोटालों का 'ब्रांड एंबेसडर' बताया और कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जुबान से भ्रष्टाचार पर नसीहत शोभनीय नही है।
श्री कुशवाहा ने कह कि श्री यादव को भ्रष्टाचार पर फर्जी ज्ञान बांटने से पहले अपने माता-पिता के 'जंगलराज' को याद कर लेना चाहिए।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लालू परिवार ने सत्ता में रहते हुए सिर्फ घोटालों का अंबार खड़ा किया, प्रदेश के खजाने का बंटाधार कर अपनी तिजोरी भरने का काम किया और बिहार को बदहाली के गर्त में धकेल दिया, जिसका दीर्घकालिक दुष्परिणाम आज भी राज्य की जनता भुगत रही है।
श्री कुशवाहा ने कहा कि लालू परिवार के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक घोटालों के मामले कोर्ट में हैं, जिसके नतीजा है कि आज पूरा परिवार अदालतों के चक्कर लगाने को मजबूर है। तेजस्वी यादव को स्मरण होना चाहिए कि कुछ महीने पूर्व ही 'लैंड फॉर जॉब' मामले में कोर्ट ने लालू परिवार पर सख्त टिप्पणी करते हुए इन्हें 'अपराधिक सिंडिकेट' बताया था, जबकि चारा घोटाले में राजद सुप्रीमो स्वयं सजायाफ्ता हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के पास भ्रष्टाचार पर उपदेश देने का नैतिक अधिकार नही है।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूरा बिहार इस बात का गवाह है कि जब भी सत्ता लालू परिवार के हाथों में रही, उन्होंने जनहित को दरकिनार कर सत्ता का इस्तेमाल सिर्फ परिवार की संपत्ति बढ़ाने और निजी हित साधने के लिए किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव स्वयं भी घोटाले के आरोपों में चार्जशीटेड हैं, इसलिए उन्हें भ्रष्टाचार पर प्रवचन देने से पहले आईना देखना चाहिए।
श्री कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले का बिहार भ्रष्टाचार और जंगलराज का प्रतीक था, जिसे नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद अपनी कुशल और दूरदर्शी नीतियों के बल विकास के पथ पर अग्रसर किया और सुशासन की एक नई लकीर खींची। उन्होंने कहा कि विकास तथा जनविरोधी विपक्ष को बिहार का विकास हजम नहीं हो रहा है और उनके नेता अनावश्यक प्रलाप में जुटे हैं।
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