कोलकाता , मार्च 09 -- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को लापरवाही न बरतने की कड़ी चेतावनी दी और कहा कि चुनावी हिंसा के प्रति निर्वाचन आयोग की "शून्य सहनशीलता" की नीति रहेगी।
ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ राज्य के दौरे पर हैं। उन्होंने कोलकाता में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक के दौरान कुमार ने कहा कि मतदाताओं या चुनाव कर्मियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आयोग चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और नेशनल पीपुल्स पार्टी सहित कई राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक जैसे राज्य स्तरीय दलों के नेता भी शामिल हुए।
कई दलों ने चुनाव एक चरण या अधिकतम दो चरणों में कराने की मांग उठाई, जबकि पहले राज्य में लंबे समय तक चलने वाले बहु-चरणीय मतदान होते रहे हैं। भाजपा नेताओं ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की व्यापक तैनाती की भी मांग की।
माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के नेतृत्व में वाम दलों ने भी कम चरणों में चुनाव कराने का समर्थन किया।
तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 और फॉर्म-7 से जुड़ी कथित विसंगतियों पर चिंता जताई और कहा कि वैध मतदाताओं के नाम सूची से न हटाए जाएं।
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न दलों की चिंताओं को समझना और चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
बैठक में कई दलों ने चुनाव के दौरान धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल की आशंका भी जताई और आयोग से इसे रोकने के लिए कड़े उपाय करने की मांग की।
इसके अलावा आयोग ने राज्य प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग बैठक कर उनकी तैयारियों की समीक्षा की।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि चुनाव संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और हर प्रशासनिक कदम का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की निगरानी केवल मतदान तक सीमित नहीं रहेगी और चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) विनीत गोयल से भी नारकोटिक्स सलाहकार समिति के गठन न होने पर स्पष्टीकरण मांगा गया।
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